Maharishi's Institutions Detail
Maharishi World Peace Movement (महर्षि विश्व शान्ति आंदोलन)
शाश्वत सनातन वैदिक सिद्धाँतों के आधार पर ब्रह्मलीन
परम पूज्य महर्षि महेश योगी जी ने विश्व परिवार में
दीर्घकाल से अपेक्षित और प्रतीक्षित विश्व शन्ति और
अजेयता स्थापित करने का प्रायोगिक कार्यक्रम बनाया
और अनेक देशों में इस कार्य योजना का क्रियान्वयन
होने लगा। 2008 में महर्षि जी के ब्रह्मलीन होने के
पश्चात समय की आवश्कता और मांग के अनुसार इस
कार्य को द्रुत गति से एक आंदोलन का रूप देकर
करने का संकल्प हुआ और 18 जुलाई 2008 श्री गुरु
पूर्णिमा के पावन पर्व पर महर्षि जी के परम् प्रिय और
तपोनिष्ठ शिष्य ब्रह्मचारी गिरीश जी द्वारा "महर्षि
विश्व शान्ति आंदोलन" की स्थापना और शुभारंभ
हुआ।
महर्षि विश्व शांति आंदोलन का संकल्प है कि महर्षि जी द्वारा 60 वर्षों पूर्व रोपित पौध जो कि अब विशाल ज्ञान वृक्ष का रूप ले चुका है इस विश्व शान्ति और अजेयता के महाज्ञानपफल को अब विश्व के प्रत्येक नागरिक और राष्ट्र को उपलब्ध कराया जाये। यह लक्ष्य दुष्कर है किन्तु इस आन्दोलन के माध्यम से लक्ष्यभेद अवश्य होगा। इस शांति आंदोलन का संकल्प है कि इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले चलें और शांत-प्रशांत मानवीय चेतना के शान्त मन को जागृत करके सारे विश्व में फैला दें। भारतीय शाश्वत ज्ञान के ओजमय-तेजमय प्रकाश की विजय पताका तमसयुक्त अज्ञानता पर फहरायें। दुःख, निर्धनता, रोग, रजोगुणी, तमोगुणी चेतना तथा नकारात्मक प्रवृत्तियों को सुख, समृद्धि, स्वस्थ्य, सतोगुणी चेतना और सकारात्मक प्रवृतियों में कल्पित करें। भूतल पर स्वर्ग का सा वातावरण हो और अब त्वरित प्रभाव से समस्त मानव जाति इस कलिकाल में सतयुग का सा जीवन लाभ उठायें, यही महर्षि विश्व शान्ति आन्दोलन का परम उद्देश्य व लक्ष्य है। महर्षि विश्व शान्ति आन्दोलन प्राचीन वैदिक और आधुनिकतम विज्ञान से प्रमाणित शांति विधान को उपयोग में लाता है, जो कि गहराई से परीक्षित एवं पूर्ण रुपेण व्यवस्थित परस्पर सौहाद्रता की और राष्ट्रीय सुरक्षा की तकनीक है। व्यक्तिगत शांति और विश्व शांति सभी को समानरूप से लाभान्वित करने वाली है अतः समाज के सभी वर्गों, धर्मों, विश्वास, आस्था और पृष्ठभूमि के नागरिकों के सक्रिय सहयोग और सक्रिय भागीदारी का आवाह्न है। अब तक बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक इस आंदोलन से जुड़ चुके हैं।
महर्षि विश्व शांति आंदोलन का संकल्प है कि महर्षि जी द्वारा 60 वर्षों पूर्व रोपित पौध जो कि अब विशाल ज्ञान वृक्ष का रूप ले चुका है इस विश्व शान्ति और अजेयता के महाज्ञानपफल को अब विश्व के प्रत्येक नागरिक और राष्ट्र को उपलब्ध कराया जाये। यह लक्ष्य दुष्कर है किन्तु इस आन्दोलन के माध्यम से लक्ष्यभेद अवश्य होगा। इस शांति आंदोलन का संकल्प है कि इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले चलें और शांत-प्रशांत मानवीय चेतना के शान्त मन को जागृत करके सारे विश्व में फैला दें। भारतीय शाश्वत ज्ञान के ओजमय-तेजमय प्रकाश की विजय पताका तमसयुक्त अज्ञानता पर फहरायें। दुःख, निर्धनता, रोग, रजोगुणी, तमोगुणी चेतना तथा नकारात्मक प्रवृत्तियों को सुख, समृद्धि, स्वस्थ्य, सतोगुणी चेतना और सकारात्मक प्रवृतियों में कल्पित करें। भूतल पर स्वर्ग का सा वातावरण हो और अब त्वरित प्रभाव से समस्त मानव जाति इस कलिकाल में सतयुग का सा जीवन लाभ उठायें, यही महर्षि विश्व शान्ति आन्दोलन का परम उद्देश्य व लक्ष्य है। महर्षि विश्व शान्ति आन्दोलन प्राचीन वैदिक और आधुनिकतम विज्ञान से प्रमाणित शांति विधान को उपयोग में लाता है, जो कि गहराई से परीक्षित एवं पूर्ण रुपेण व्यवस्थित परस्पर सौहाद्रता की और राष्ट्रीय सुरक्षा की तकनीक है। व्यक्तिगत शांति और विश्व शांति सभी को समानरूप से लाभान्वित करने वाली है अतः समाज के सभी वर्गों, धर्मों, विश्वास, आस्था और पृष्ठभूमि के नागरिकों के सक्रिय सहयोग और सक्रिय भागीदारी का आवाह्न है। अब तक बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक इस आंदोलन से जुड़ चुके हैं।
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मोबाइलः+91-9893700746
वेबसाइटः www.mwpm.in
ईमेलः mwpm@mssmail.org