Photo Gallery - Mahashivratri 2025
Brahmachari Girish Ji met today with Honourable ...
वेद विद्या मार्तण्ड ब्रह्मचारी गिरीश जी ने वैदिक विद्वानों के एक समूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज महाशिवरात्रि का दिवस देवाधिदेव महादेव भूतभावन भगवान् शिव शंकर जी की महाकृपा प्राप्ति का दिवस है। सभी शिव भक्तजन भगवान शिव का निकट के मंदिरों में जाकर अभिषेक करें। आसपास मंदिर न हो तो अपने घर में ही वैदिक योग्य कर्मकांडी विद्वान को आमंत्रित करके अभिषेक करें। यह भी संभव न हो तो भवातीत ध्यान करते हुए अपनी चेतना में ध्यानावस्था में ही शिव जी का मानसिक अभिषेक करें। भगवान शिव अनंत कृपा और शांति प्रदान करने वाले देवता हैं। इनका वास भावातीत चेतना में है, हर मानव की चतुर्थ चेतना में है। "शिवम् शान्तं अद्वैतं चतुर्थं मन्यन्ते सा आत्मा स विज्ञेयः आपके मनोभाव में ही तो शिव जी का वास है। भावोहि विद्यते देवा"। और शिव जी तो अत्यंत सरल सहज, कृपा और दया के सागर हैं, वे तो स्मरण मात्र से भक्ति के समस्त फलों और पुण्यों के दाता हैं। आज का एक दिन शिव भक्ति में, शिव जी की आराधना में लगाइये और अपने मानव जीवन को धन्य कीजिये।
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